महत्वपूर्ण बैंकिंग तिथियां और कार्यक्रम - संपूर्ण समयरेखा

आईबीपीएस बैंकिंग अवेयरनेस के लिए भारतीय बैंकिंग इतिहास, आरबीआई मील के पत्थर और प्रमुख सालगिरह की महत्वपूर्ण तारीखें मास्टर करें!


🎯 आईबीपीएस के लिए ये तारीखें क्यों मायने रखती हैं

अपेक्षित प्रश्न:

  • आईबीपीएस प्रीलिम्स: 2-3 सीधे तारीख वाले प्रश्न
  • आईबीपीएस मेंस: 5-8 प्रश्न (तारीखें + संबंधित घटनाएं)
  • करेंट अफेयर्स: हाल की सालगिरह, नई योजनाओं की शुरुआत

प्रश्न प्रकार:

  • “आरबीआई की स्थापना कब हुई थी?”
  • “1969 में कौन-से बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ था?”
  • “नाबार्ड का गठन कब हुआ था?”
  • “28 अगस्त का क्या महत्व है?”

🏛️ भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) - प्रमुख तारीखें

स्थापना एवं गठन

1 अप्रैल 1935

घटना: भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना संदर्भ: हिल्टन यंग आयोग की सिफारिशों पर आधारित स्थिति: प्रारंभ में निजी शेयरधारकों का बैंक प्रथम गवर्नर: सर ऑसबॉर्न स्मिथ पूंजी: ₹5 करोड़

महत्व: भारत का केंद्रीय बैंकिंग संस्थान बनाया गया आईबीपीएस फोकस: ★★★★★ (सबसे महत्वपूर्ण तारीख)

1 जनवरी 1949

घटना: आरबीआई का राष्ट्रीयकरण संदर्भ: आरबीआई अधिनियम, 1934 संशोधित स्वामित्व: भारत सरकार को हस्तांतरित राष्ट्रीयकरण के बाद प्रथम भारतीय गवर्नर: सी.डी. देशमुख

महत्व: आरबीआई पूरी तरह सरकार के स्वामित्व में आया आईबीपीएस फोकस: ★★★★★


आरबीआई गवर्नर - नियुक्ति तारीखें

वर्तमान गवर्नर (2025):

नाम: शक्तिकांत दास नियुक्ति: 12 दिसंबर 2018 कार्यकाल: दिसंबर 2024 तक बढ़ाया गया, आगे भी बढ़ाया गया पूर्व पद: आर्थिक मामलों के सचिव

उल्लेखनीय: नोटबंदी, COVID-19 संकट, मुद्रास्फीति प्रबंधन का संभाला IBPS फोकस: ★★★★★ (नाम + नियुक्ति तिथि बार-बार पूछे जाते हैं)

हाल के गवर्नर:

  1. उर्जित पटेल: 4 सितंबर 2016 - 10 दिसंबर 2018
  2. रघुराम राजन: 4 सितंबर 2013 - 4 सितंबर 2016
  3. डी. सुब्बाराव: 5 सितंबर 2008 - 4 सितंबर 2013
  4. वाई.वी. रेड्डी: 6 सितंबर 2003 - 5 सितंबर 2008
  5. बिमल जालान: 22 नवंबर 1997 - 6 सितंबर 2003

🏦 बैंक राष्ट्रीयकरण - महत्वपूर्ण तिथियाँ

राष्ट्रीयकरण का पहला चरण

19 जुलाई 1969

घटना: 14 प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण प्रधानमंत्री: इंदिरा गांधी उद्देश्य: सामाजिक बैंकिंग, वित्तीय समावेशन, प्राथमिकता क्षेत्र उधार

राष्ट्रीयकृत बैंक (14):

  1. इलाहाबाद बैंक
  2. बैंक ऑफ इंडिया
  3. बैंक ऑफ बड़ौदा
  4. बैंक ऑफ महाराष्ट्र
  5. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
  6. कैनरा बैंक
  7. देना बैंक
  8. इंडियन बैंक
  9. इंडियन ओवरसीज बैंक
  10. पंजाब नेशनल बैंक
  11. सिंडिकेट बैंक
  12. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
  13. यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया
  14. यूको बैंक

मानदंड: ₹50 करोड़ से अधिक जमा वाले बैंक

महत्व: समाजवादी बैंकिंग की दिशा में बड़ा कदम IBPS फोकस: ★★★★★ (तिथि + बैंकों की संख्या + उदाहरण)


राष्ट्रीयकरण का दूसरा चरण

15 अप्रैल 1980

घटना: 6 और बैंकों का राष्ट्रीयकरण प्रधानमंत्री: इंदिरा गांधी

राष्ट्रीयकृत बैंक (6):

  1. आंध्रा बैंक
  2. कॉर्पोरेशन बैंक
  3. न्यू बैंक ऑफ इंडिया*
  4. ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स
  5. पंजाब एंड सिंध बैंक
  6. विजया बैंक

*न्यू बैंक ऑफ इंडिया: बाद में 1993 में पंजाब नेशनल बैंक में विलय हो गया

मानदंड: ₹200-500 करोड़ जमा वाले बैंक

महत्व: सामाजिक बैंकिंग की विस्तारित पहुंच IBPS फोकस: ★★★★ (तिथि + बैंकों की संख्या)


🏢 प्रमुख बैंक विलय - हालिया समयरेखा

मेगा विलय 2020

1 अप्रैल, 2020

घटना: भारतीय इतिहास में सबसे बड़ा बैंक विलय शामिल बैंक: 10 पीएसबी को 4 में विलयित

विलय:

  1. पंजाब नेशनल बैंक + ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स + यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया → पंजाब नेशनल बैंक (दूसरा सबसे बड़ा पीएसबी)

  2. कैनरा बैंक + सिंडिकेट बैंक → कैनरा बैंक

  3. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया + आंध्रा बैंक + कॉरपोरेशन बैंक → यूनियन बैंक ऑफ इंडिया

  4. इंडियन बैंक + इलाहाबाद बैंक → इंडियन बैंक

परिणाम: पीएसबी की संख्या 27 (2017) से घटकर 12 (2020) हुई

महत्व: मजबूत बैंकिंग प्रणाली के लिए समेकन IBPS फोकस: ★★★★★ (तिथि + विलय विवरण अक्सर पूछे जाते हैं)


पूर्ववर्ती विलय

1 अप्रैल, 2019

घटना: बैंक ऑफ बड़ौदा + विजया बैंक + देना बैंक परिणाम: बैंक ऑफ बड़ौदा (तीसरा सबसे बड़ा पीएसबी)

महत्व: हालिया समेकन चरण का पहला प्रमुख विलय IBPS फोकस: ★★★★

1 अप्रैल, 2017

घटना: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया + 5 सहयोगी बैंक + भारतीय महिला बैंक विलयित सहयोगी बैंक:

  1. स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर
  2. स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद
  3. स्टेट बैंक ऑफ मैसूर
  4. स्टेट बैंक ऑफ पटियाला
  5. स्टेट बैंक ऑफ ट्रैवणकोर

परिणाम: SBI भारत का सबसे बड़ा बैंक बना (500 करोड़+ ग्राहक, 24,000+ शाखाएं)

महत्व: बैंकिंग दिग्गज का निर्माण IBPS फोकस: ★★★★★


🌾 विकास बैंक और वित्तीय संस्थान

नाबार्ड (नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट)

12 जुलाई 1982

कार्यक्रम: नाबार्ड की स्थापना उद्देश्य: कृषि और ग्रामीण विकास के लिए वित्तपोषण स्थानापन्न: एग्रीकल्चर रीफाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एआरडीसी) मुख्यालय: मुंबई वर्तमान अध्यक्ष: शाजी के.वी.

कार्य:

  • कृषि ऋण पुनर्वित्त
  • ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास
  • ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देना
  • स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) जोड़तोड़

महत्व: ग्रामीण ऋण के लिए शीर्ष संस्थान आईबीपीएस फोकस: ★★★★★ (स्थापना तिथि + कार्य)


सिडबी (स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया)

2 अप्रैल 1990

कार्यक्रम: सिडबी की स्थापना उद्देश्य: एमएसएमई को बढ़ावा देना, वित्त देना और विकसित करना मूल संस्था: आईडीबीआई (इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया) मुख्यालय: लखनऊ

कार्य:

  • एमएसएमई वित्तपोषण
  • ऋण गारंटी योजनाएं
  • प्रौद्योगिकी उन्नयन
  • कौशल विकास

महत्व: एमएसएमई के लिए प्रमुख वित्तीय संस्थान आईबीपीएस फोकस: ★★★★


एक्जिम बैंक (एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ इंडिया)

1 जनवरी 1982

कार्यक्रम: एक्जिम बैंक की स्थापना उद्देश्य: विदेश व्यापार को वित्त देना, सुविधा देना और बढ़ावा देना मुख्यालय: मुंबई

कार्य:

  • निर्यात ऋण
  • आयात वित्तपोषण
  • विदेशी निवेश
  • सलाहकार सेवाएं

महत्व: प्रमुख निर्यात वित्तपोषण संस्थान आईबीपीएस फोकस: ★★★


एनएचबी (नेशनल हाउसिंग बैंक)

9 जुलाई 1988

कार्यक्रम: एनएचबी की स्थापना उद्देश्य: आवास वित्त संस्थानों को बढ़ावा देना मूल संस्था: आरबीआई (अनुषंगी) मुख्यालय: नई दिल्ली

कार्य:

  • आवास वित्त कंपनियों को पुनर्वित्त
  • एचएफसी का नियमन
  • सस्ती आवास को बढ़ावा

महत्व: शीर्ष आवास वित्त संस्थान IBPS फोकस: ★★★


🎊 महत्वपूर्ण बैंकिंग दिन और अवलोकन

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग दिन

1 जनवरी

घटना: बैंक अवकाश (नव वर्ष दिवस) महत्व: वित्तीय वर्ष की तैयारियों की शुरुआत

1 अप्रैल

घटना: भारत में वित्तीय वर्ष प्रारंभ महत्व: बैंकों और कंपनियों के लिए नए लेखांकन वर्ष की शुरुआत IBPS फोकस: ★★★★

28 अगस्त

घटना: PMJDY (प्रधानमंत्री जन धन योजना) प्रक्षेपण वर्षगांठ प्रारंभ वर्ष: 2014 उद्देश्य: शून्य-शेष खातों के माध्यम से वित्तीय समावेशन

उपलब्धि: 50+ करोड़ खाते, ₹2+ लाख करोड़ जमा

महत्व: दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन कार्यक्रम IBPS फोकस: ★★★★★

8 नवंबर

घटना: विमुद्रीकरण की घोषणा (2016) प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी प्रतिबंधित मूल्यवर्ग: ₹500 और ₹1,000 के नोट उद्देश्य: काला धन, नकली मुद्रा, आतंकवादी वित्तपोषण पर अंकुश

प्रभाव: डिजिटल भुगतान की ओर धक्का, अर्थव्यवस्था का औपचारिकीकरण

महत्व: भारतीय इतिहास की ऐतिहासिक मौद्रिक घटना IBPS फोकस: ★★★★★

16 दिसंबर

घटना: विजय दिवस - कुछ राज्यों में बैंक अवकाश महत्व: बांग्लादेश मुक्ति युद्ध की विजय (1971)


💳 डिजिटल भुगतान की मील के पत्थर

UPI प्रक्षेपण और वृद्धि

11 अप्रैल, 2016

घटना: UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) प्रक्षेपित विकासकर्ता: NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) प्रथम बैंक: पायलट चरण में 21 बैंक

लेन-देन वृद्धि:

  • 2016-17: 10 करोड़ लेन-देन
  • 2020-21: 2,200 करोड़ लेन-देन
  • 2023-24: 13,000+ करोड़ लेन-देन
  • 2024-25: 15,ोड़ लेन-देन
  • 2025-26: 17,000+ करोड़ लेन-देन (अनुमानित)

महत्व: क्रांतिकारी डिजिटल भुगतान प्रणाली IBPS फोकस: ★★★★★

1 दिसंबर, 2022

घटना: डिजिटल रुपया (CBDC) पायलट शुरू - खुदरा प्रकार: e₹-R (खुदरा CBDC) उद्देश्य: नकदी निर्भरता कम करना, भुगतान दक्षता बढ़ाना

प्रगति: पायलट में 2+ करोड़ उपयोगकर्ता (2025)

महत्व: भारत का केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा IBPS फोकस: ★★★★★

1 नवंबर, 2022

घटना: डिजिटल रुपया (CBDC) पायलट शुरू - थोक प्रकार: e₹-W (थोक CBDC) प्रतिभागी: बैंक और वित्तीय संस्थान उपयोग का मामला: अंतरबैंक निपटान

महत्व: डिजिटल रुपये का पहला चरण IBPS फोकस: ★★★★


BHIM और भुगतान ऐप्स

30 दिसंबर, 2016

घटना: BHIM (भारत इंटरफेस फॉर मनी) ऐप लॉन्च प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी डेवलपर: NPCI

विशेषताएं:

  • UPI-आधारित भुगतान ऐप
  • सरल इंटरफेस
  • 12 भाषाएं
  • QR कोड स्कैनिंग

महत्व: नोटबंदी के बाद डिजिटल भुगतान के लिए सरकार की पहल IBPS फोकस: ★★★★


🏛️ अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय संस्थान

SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया)

12 अप्रैल, 1992

घटना: सेबी को वैधानिक शक्तियाँ प्रदान की गईं
स्थापित: वैधानिक निकाय (पहले 1988 से गैर-वैधानिक)
उद्देश्य: निवेशकों के हितों की रक्षा, प्रतिभूति बाजार का नियमन
मुख्यालय: मुंबई
वर्तमान अध्यक्ष: माधबी पुरी बुच (प्रथम महिला अध्यक्ष)

कार्य:

  • स्टॉक एक्सचेंजों का नियमन
  • निवेशकों के अधिकारों की रक्षा
  • पूंजी बाजार के विकास को बढ़ावा देना
  • इनसाइडर ट्रेडिंग की निगरानी

महत्व: पूंजी बाजार नियामक
IBPS फोकस: ★★★★


IRDAI (इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया)

19 अप्रैल, 2000

घटना: IRDAI की स्थापना
उद्देश्य: बीमा उद्योग का नियमन और विकास
मुख्यालय: हैदराबाद
वर्तमान अध्यक्ष: देबाशीष पांडा

कार्य:

  • बीमा कंपनियों को लाइसेंस देना
  • पॉलिसीधारकों की रक्षा
  • बीमा जागरूकता को बढ़ावा देना
  • बीमा प्रथाओं का नियमन

महत्व: बीमा क्षेत्र का नियामक
IBPS फोकस: ★★★


PFRDA (पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी)

1 अक्टूबर, 2003

घटना: PFRDA की स्थापना (अंतरिम)
वैधानिक स्थिति: 23 अगस्त, 2013
उद्देश्य: पेंशन क्षेत्र का नियमन, वृद्धावस्था आय सुरक्षा को बढ़ावा देना
मुख्यालय: नई दिल्ली

कार्य:

  • NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) का नियमन
  • ग्राहकों के हितों की रक्षा
  • पेंशन जागरूकता को बढ़ावा देना

महत्व: पेंशन क्षेत्र का नियामक
IBPS फोकस: ★★


📜 प्रमुख बैंकिंग योजनाएँ और पहल

वित्तीय समावेशन योजनाएँ

28 अगस्त, 2014

घटना: प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) शुरू हुई
PM: नरेंद्र मोदी
टैगलाइन: “मेरा खाता भाग्य विधाता”

लाभ:

  • शून्य बैलेंस खाता
  • रुपे डेबिट कार्ड
  • ₹10,000 ओवरड्राफ्ट सुविधा
  • ₹2 लाख दुर्घटना बीमा

उपलब्धि: 50+ करोड़ खाते

महत्व: वित्तीय समावेशन की मील का पत्थर IBPS फोकस: ★★★★★

9 मई 2015

कार्यक्रम: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) शुरू प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी उद्देश्य: सूक्ष्म/लघु व्यवसायों को ऋण प्रदान करना

श्रेणियाँ:

  1. शिशु: ₹50,000 तक
  2. किशोर: ₹50,001 से ₹5 लाख
  3. तरुण: ₹5,00,001 से ₹10 लाख

उपलब्धि: 40+ करोड़ ऋण वितरित (संचयी)

महत्व: एमएसएमई वित्तपोषण पहल IBPS फोकस: ★★★★

22 फरवरी 2016

कार्यक्रम: स्टैंड अप इंडिया योजना शुरू प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी उद्देश्य: एससी/एसटी और महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देना

ऋण: ₹10 लाख से ₹1 करोड़ ग्रीनफील्ड उद्यमों के लिए

महत्व: उद्यमिता में सामाजिक समावेशन IBPS फोकस: ★★★


क्रेडिट योजनाएँ

8 अप्रैल 2015

कार्यक्रम: प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) शुरू प्रकार: जीवन बीमा योजना प्रीमियम: ₹436 प्रति वर्ष कवरेज: ₹2 लाख मृत्यु लाभ आयु समूह: 18-50 वर्ष

महत्व: जनता के लिए सस्ता जीवन बीमा IBPS फोकस: ★★★

8 अप्रैल 2015

कार्यक्रम: प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) शुरू प्रकार: दुर्घटना बीमा योजना प्रीमियम: ₹20 प्रति वर्ष कवरेज: दुर्घटनाजनक मृत्यु/विकलांगता के लिए ₹2 लाख आयु समूह: 18-70 वर्ष

महत्व: सस्ता दुर्घटना बीमा IBPS फोकस: ★★★

9 मई 2015

कार्यक्रम: अटल पेंशन योजना (एपीवाई) शुरू की गई प्रकार: असंगठित क्षेत्र के लिए पेंशन योजना आयु वर्ग: 18-40 वर्ष पेंशन: ₹1,000 से ₹5,000 प्रति माह (योगदान के आधार पर)

महत्व: असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा आईबीपीएस फोकस: ★★★


🌍 अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग घटनाएं

बेसल मानकों का कार्यान्वयन

1 अप्रैल, 2013

कार्यक्रम: भारत में बेसल III मानकों का कार्यान्वयन शुरू हुआ अंतिम तिथि: 31 मार्च, 2019 (बढ़ाकर 31 मार्च, 2023 किया गया) आवश्यकता: न्यूनतम सीएआर 9%, सीईटी1 5.5%

महत्व: वैश्विक बैंकिंग विनियमन अनुपालन आईबीपीएस फोकस: ★★★★


एफएटीएफ (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स)

अक्टूबर 2010

कार्यक्रम: भारत एफएटीएफ का सदस्य बना उद्देश्य: मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण से लड़ना अनुपालन: एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (एएमएल) विनियम

महत्व: अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय विनियमन अनुपालन आईबीपीएस फोकस: ★★


📊 त्वरित संशोधन सारणी - याद रखने योग्य तिथियां

तिथि घटना महत्व
1 अप्रैल, 1935 आरबीआई की स्थापना ★★★★★
1 जनवरी, 1949 आरबीआई का राष्ट्रीयकरण ★★★★★
19 जुलाई, 1969 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण ★★★★★
15 अप्रैल, 1980 6 बैंकों का राष्ट्रीयकरण ★★★★
12 जुलाई, 1982 नाबार्ड की स्थापना ★★★★★
2 अप्रैल, 1990 सिडबी की स्थापना ★★★★
12 अप्रैल, 1992 सेबी को वैधानिक शक्तियाँ मिलीं ★★★★
1 अप्रैल, 2017 एसबीआई का 5 सहयोगी बैंकों के साथ विलय ★★★★★
1 अप्रैल, 2020 मेगा बैंक विलय (10→4) ★★★★★
28 अगस्त, 2014 पीएमजेडीवाई की शुरुआत ★★★★★
11 अप्रैल, 2016 यूपीआई की शुरुआत ★★★★★
8 नवम्बर, 2016 नोटबंदी ★★★★★
1 दिसम्बर, 2022 डिजिटल रुपया (खुदरा) की शुरुआत ★★★★★

🎯 आईबीपीएस परीक्षा फोकस क्षेत्र

उच्च प्राथमिकता (पहले सीखें):

  1. ✅ आरबीआई की स्थापना और राष्ट्रीयकरण की तिथियाँ
  2. ✅ बैंकों का राष्ट्रीयकरण (1969, 1980) - तिथियाँ + बैंकों की संख्या
  3. ✅ हाल के बैंक विलय (2017, 2019, 2020)
  4. ✅ नाबार्ड की स्थापना तिथि
  5. ✅ पीएमजेडीवाई की शुरुआत तिथि
  6. ✅ यूपीआई की शुरुआत तिथि
  7. ✅ नोटबंदी की तिथि
  8. ✅ डिजिटल रुपया की शुरुआत तिथियाँ
  9. ✅ वर्तमान आरबीआई गवर्नर की नियुक्ति तिथि
  10. ✅ वित्तीय वर्ष की प्रारंभ तिथि

मध्यम प्राथमिकता:

  1. ✅ सिडबी, एक्सिम बैंक, एनएचबी की स्थापना
  2. ✅ सेबी को वैधानिक दर्जा मिलने की तिथि
  3. ✅ पीएमएमवाई, स्टैंड अप इंडिया की शुरुआत तिथियाँ
  4. ✅ भीम ऐप की शुरुआत
  5. ✅ बेसल III कार्यान्वयन

निम्न प्राथमिकता (जानना अच्छा है):

  1. ✅ आईआरडीएआई, पीएफआरडीए की स्थापना
  2. ✅ पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई, एपीवाई की शुरुआत की तिथियां
  3. ✅ एफएटीएफ सदस्यता

📝 याद करने की तकनीकें

तकनीक 1: दशक संबंध

1930 का दशक:

  • 1935: आरबीआई की स्थापना

1940 का दशक:

  • 1949: आरबीआई का राष्ट्रीयकरण

1960 का दशक:

  • 1969: 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण (19 जुलाई)

1980 का दशक:

  • 1980: 6 बैंकों का राष्ट्रीयकरण (15 अप्रैल)
  • 1982: नाबार्ड (12 जुलाई), एक्जिम बैंक (1 जनवरी)
  • 1988: एनएचबी (9 जुलाई)

1990 का दशक:

  • 1990: सिडबी (2 अप्रैल)
  • 1992: सेबी वैधानिक (12 अप्रैल)

2010 का दशक:

  • 2014: पीएमजेडीवाई (28 अगस्त)
  • 2015: पीएमएमवाई, पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई, एपीवाई
  • 2016: यूपीआई (11 अप्रैल), नोटबंदी (8 नवंबर), भीम (30 दिसंबर)
  • 2017: एसबीआई विलय (1 अप्रैल)

2020 का दशक:

  • 2020: मेगा विलय (1 अप्रैल)
  • 2022: डिजिटल रुपया (1 नवंबर - थोक, 1 दिसंबर - खुदरा)

तकनीक 2: महीने का समूह

जनवरी:

  • 1 जनवरी: एक्जिम बैंक (1982), आरबीआई का राष्ट्रीयकरण (1949)

अप्रैल:

  • 1 अप्रैल: वित्तीय वर्ष, एसबीआई विलय (2017), मेगा विलय (2020)
  • 2 अप्रैल: सिडबी (1990)
  • 8 अप्रैल: पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई (2015)
  • 11 अप्रैल: यूपीआई (2016)
  • 12 अप्रैल: सेबी (1992)
  • 15 अप्रैल: 6 बैंकों का राष्ट्रीयकरण (1980)
  • 19 अप्रैल: आईआरडीएआई (2000)

जुलाई:

  • 9 जुलाई: एनएचबी (1988)
  • 12 जुलाई: नाबार्ड (1982)
  • 19 जुलाई: 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण (1969)

अगस्त:

  • 28 अगस्त: पीएमजेडीवाई (2014)

नवंबर:

  • 1 नवंबर: डिजिटल रुपया थोक (2022)
  • 8 नवंबर: नोटबंदी (2016)

दिसंबर:

  • 1 दिसंबर: डिजिटल रुपया खुदरा (2022)
  • 12 दिसंबर: शक्तिकांत दास की नियुक्ति (2018)
  • 30 दिसंबर: भीम (2016)

🔗 संबंधित संसाधन

बैंकिंग जागरूकता:

सामयिक घटनाक्रम:

  • हाल की बैंकिंग घटनाएं
  • नई योजनाओं की शुरुआत
  • नीति घोषणाएं

तिथियों को याद रखें - इन्हें अक्सर IBPS परीक्षाओं में पूछा जाता है! 📅